भाव कुसुम यह कैसे छुपाए.


(आज जब मेरे पोते का जन्म हुआ है तब मैं समझ पाई हूँ कि लोग क्यों कहते हैं "मूल से सूद लोगों को ज्यादा प्यारा होता है". उद्गार के चंद शब्द मन में आए, वह मैं व्यक्त कर रही हूँ.)


" भाव कुसुम यह कैसे छुपाए"

आज दर्श आया आँगन में,
ले अनंत खुशियाँ जीवन में,
 किलकारी से गूँजे कोना,
चाँद सा मुखड़ा सपन सलोना

छवि निहार मगन हो जाऊँ
जो चाहत थी उसमे पाऊँ
ईश कृपा अब द्वारे आया
जीवन का खोया सुख पाया

किसलय रूप देख खो जाऊँ
मुस्कानों पर बलि बलि जाऊँ
हैं चक्षु उसके दिव्यमान
नव खुशियों का है सोपान

दूर मगर तुम ह्रदय समाए
नयनों में पानी भर आए
मन की खुशियाँ बाँध न पाऊँ
आलिंगन को हाथ बढ़ाऊँ

लूं मैं बलैया ऐसे जो तेरे
कहीं नजर लगे न मेरे
कष्ट तुम्हे कभी छू न पाए
भाव कुसुम यह कैसे छुपाए

-कुसुम ठाकुर-

18 comments:

रजनीश के झा (Rajneesh K Jha) said...

भावनाओं का बहता बयार, अति सुन्दर.
और अनेकानेक बधाई.

गुड्डोदादी said...

दूर मगर तुम ह्रदय समाए
नयनों में पानी भर आए

बहुत सुंदर
बधाई लाओ मेरी मिष्ठान मिठाई

वन्दना said...

सही कहा मूल से सूद प्यारा होता है ………पोते के जन्म की हार्दिक शुभकामनायें।

श्यामल सुमन said...

कुसुम बधाई आपको, घर आए मेहमान
सुमन ह्रदय शुभकामना, बनी रहे मुस्कान
सादर
श्यामल सुमन
09955373288
http://www.manoramsuman.blogspot.com
http://meraayeena.blogspot.com/
http://maithilbhooshan.blogspot.com/

sanjiv verma said...

सूद मूल से ज्यादा प्यारा होता कहें सयाने.
जब तक हाथ न आये तब तक बात न कोई माने.
हुआ खुशी में मैं सहभागी सचमुच हूँ बडभागी-
सबसे ज्यादा पाऊँ मिठाई मन में हूँ हठ ठाने..

डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री मयंक (उच्चारण) said...

बहुत सुन्दर भावप्रणव प्रस्तुति।

मनोज कुमार said...

भावुक कर देने वाली रचना।

योगेन्द्र मौदगिल said...

wah....

aapki rachna or bete-bahu ki rachna dono hi bahut sunder hain..... aap sab ko dher saari badhai....

Shanti Garg said...

बहुत ही बेहतरीन और प्रभावपूर्ण रचना....
मेरे ब्लॉग

जीवन विचार
पर आपका हार्दिक स्वागत है।

girish pankaj said...

hardik shubhkamnaye... dil ko chhoo rahee hai aapki ye rachnaa. badhai...hardik badhai....

expression said...

बहुत प्यारी रचना...और उससे भी प्यारा ये राजकुमार....

आपको बहुत सारी शुभकामनाएं...
आँगन खुशियों से भरा रहे सदा....

सादर
अनु

यशवन्त माथुर (Yashwant Mathur) said...

आज 13/08/2012 को आपकी यह पोस्ट (दीप्ति शर्मा जी की प्रस्तुति मे ) http://nayi-purani-halchal.blogspot.com पर पर लिंक की गयी हैं.आपके सुझावों का स्वागत है .धन्यवाद!

भावना said...

bahut bhaut badhai aapko :)

संगीता स्वरुप ( गीत ) said...

दादी बनने की बहुत बहुत बधाई और शुभकामनायें ॥
बहुत प्यारी रचना

Mamta Bajpai said...

किलकारियों से गूंज गयी कविता पोते के जन्म की बहुत बहुत बधाई

शिवनाथ कुमार said...

प्यार, आशीर्वाद बरसाती हुई सुंदर रचना ..
बहुत बहुत बधाई !
सादर !

devesh said...

A beautiful composition

devesh said...

The tiny soul might be having the gigantic stature for having been chosen to be gifted to you by the nature god
You never lost any thing but were forced to pledge your treasures to be repaid with compounded premium value.