भय हरण कालिका


"भय हरण कालिका"

जय जय जग जननि देवी
सुर नर मुनि असुर सेवी
भुक्ति मुक्ति दायिनी भय हरण कालिका।
जय जय जग जननि देवी।

मुंडमाल तिलक भाल 
शोणित मुख लगे विशाल 
श्याम वर्ण शोभित, भय हरण कालिका।
जय जय जग जननि देवी ।

हर लो तुम सारे क्लेश 
मांगूं नित कह अशेष 
आयी शरणों में तेरी, भय हरण कालिका ।
जय जय जग जननि देवी ।

माँ मैं तो गई हूँ हारी 
 माँगूं कबसे विचारी 
करो अब तो उद्धार तुम, भय हरण कालिका ।  
जय जय जग जननि देवी ।

-कुसुम ठाकुर-  

8 comments:

संगीता पुरी said...

जय जय जग जननि देवी ..

..दीपावली की शुभकामनाएँ !!

संगीता स्वरुप ( गीत ) said...

बहुत सुन्दर ...

दीपावली की हार्दिक शुभकामनायें

डॉ. मोनिका शर्मा said...

बहुत सुंदर ....दीपोत्सव की हार्दिक शुभकामनाएं

ब्लॉ.ललित शर्मा said...

दीवाली पर्व की हार्दिक शुभकामनाएँ|

vandan gupta said...

बहुत सुन्दर्……………।दीपावली पर्व पर आपको और आपके परिवारजनों को हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं

Gyan Darpan said...

दीपावली के पावन पर्व पर हार्दिक बधाइयाँ और शुभकामनाएँ |

way4host
rajputs-parinay

डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक' said...

चर्चा मंच परिवार की ओर से दीपावली की हार्दिक शुभकामनाएँ!
आइए आप भी हमारे साथ आज के चर्चा मंच पर दीपावली मनाइए!

अनुपमा पाठक said...

सुन्दर!
शुभ दीपावली!