Happy Anniversary


DEAR

ANU & VICKIE


HAPPY ANNIVERSARY



जीवन में रही सदा खुश, अछि इ हमर कामना।
पग पग चली सदा सँग, अछि इ हमर भावना।




अहाँ दुनु गोटे सदिखनि अहिना संग आ खुश रही, हमर यैह कामना अछि। हमर आर्शीवाद अहाँ सब केर संग सदिखन रहत।


- MUMMY -
18 MAY 2009


एक कलाकार को श्रधांजलि

श्री लल्लन प्रसाद ठाकुर
हर वर्ष मैं श्री लल्लन प्रसाद ठाकुर का जन्मदिवस अलग अलग ढंग से मानती आई हूँ। कभी विकलांगों के बीच समय बिताकर,कभी निःशुल्क चिकित्सा का आयोजन कर , कभी अनाथालय के बच्चों के बीच खेल कूद प्रतियोगिता का आयोजन कर , तो कभी दरिद्र नारायण भोज का आयोजन कर। पर मेरी ह्रदय से इच्छा थी कि कम से कम एक बार मैं उनकी लिखी नाटक का मंचन करवाऊं। अर्थात आयोजन एवं निर्देशन दोनों ही मैं करुँ। श्री लल्लन प्रसाद ठाकुर एक अच्छे नाटककार के साथ, निर्देशक, गीतकार, एवं एक अच्छे अभिनेता भी थे जिन्हें रंगकर्मी कभी भूल नहीं सकते। पेशा से अभियंता होते हुए, नाटक एवं कला के प्रति उनकी असीम अभिरुचि थी। वे सदा अपनी मौलिक रचना का ही मंचन किया करते थे। उन्होंने कई हिन्दी एवं मैथिलि नाटक लिखी है। उनकी कई मैथिलि नाटक को अन्तराष्ट्रीय स्तर पर पुरस्कृत किया गया।" लोंगिया मिरचाइ "नाटक को कई अंतर्राष्ट्रीय मैथिलि नाटक प्रतियोगिता में पुरस्कार प्राप्त हुआ। ऐसे कलाकार के लिए इससे अच्छी श्रधांजलि क्या हो सकती है कि उन्हीं की लिखी हुई नाटक का मंचन उनके जन्म दिवस पर किया जाए। उनका जन्म ५ फरवरी तिथि नरकनिवारण को हुआ था और ५ फरवरी २००८ को भी नरकनिवारण चतुर्दशी था अतः यह मेरे लिए बहुत ही महत्वपूर्ण दिन था। मैं ने नाटक का आयोजन एवं निर्देशन किया जो दर्शकों को काफी पसंद आया।
दीप प्रज्वलित करते मुख्य अतिथि टाटा स्टील के V.P. श्री हृदेश्वर झा दर्शक दीर्घा
मुख्य अतिथि का भाषण विशिष्ट अतिथि श्री दयानाथ झापहला दृश्य (घूटर) दिवाकर और घूटर