Kusum's Journey (कुसुम की यात्रा)

It's All About Me My Memories Experiences And journey

Thursday, June 21, 2012

हम कबतक क़ानून और न्यायपालिका को पूजते रहेंगे ?

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हमारे देश की न्याय पालिका कितनी निकम्मी है वह हम सबको मालूम है.  पैसा और ताकत के बलपर यहाँ कितने भी बड़े जुर्म से बाहर निकला जा सकता है.  ब...
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Wednesday, May 30, 2012

क्या पाया यह मत बोल !

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"क्या पाया यह मत बोल" कल-कल करती निशदिन नदियाँ, अंक में अपने भर लेती हैं, चाहे पत्थर हो या फूल, क्या पाया यह मत ...
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Thursday, May 17, 2012

उसे तोड़ खुश होता क्यूँ है ?

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"उसे तोड़ खुश होता क्यूँ है" जो आता है जाता क्यूँ है ? और बेबस इतने पाता क्यूँ हैं ?   सज़ा मिले सत्कर्मों की  ...
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Wednesday, May 9, 2012

धोखा सगा दिया

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"धोखा सगा दिया" कसूर था क्या मेरा, फिर क्यूँ  सजा दिया सोई थी आस क्यों फिर, उसको जगा दिया  कहने को कुछ न था, सोहबत...
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Tuesday, April 17, 2012

वक्त भी कब वक्त देता

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"वक्त भी कब वक्त देता"  आज कहने को बहुत, जो अश्क में ही बह गए  अपनी खुशियाँ कह न पाऊँ, उलझनों में रह गए   गम को ...
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Tuesday, March 20, 2012

ऐसा भी मन पावन देखा

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"  ऐसा भी मन पावन देखा  "     कैसे कह दूँ ख्वाब न देखा आज करूँ कैसे अनदेखा न वो बातें, न वो रिश्ते फिर भी लगता है...
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Sunday, February 5, 2012

नैनो से बरसात क्यों

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(आज की रचना उस प्रिय व्यक्ति के लिए है जिन्होंने मुझे इस काबिल बनाया कि आज मैं अपने भावों को लिख पाऊं) नैन से बरसात क्यों? **...
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Saturday, December 31, 2011

लोकतंत्र बीमार है

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 "लोकतंत्र बीमार है" लोकतंत्र बीमार अब, है जनता में रोष। इक दूजे पर थोपते, अपना अपना दोष।। बातें जन-हित की करें, स्व...
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Wednesday, December 28, 2011

सपनो में बस जाते हो

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"सपनो में बस जाते हो" कुछ बरसों का साथ रहा पर याद बहुत तुम आते हो जानूँ वे पल फिर न आए, तुम सपनो में बस जाते हो वे ...
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Wednesday, November 23, 2011

तेरा दिया ही लाई हूँ

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  "तेरा दिया ही लाई हूँ"  हूँ तो माँ इक तुच्छ उपासक, द्वार पे तेरे आई हूँ ।  कैसे कहूँ लोभ नहीं है,सब  तेरा दिया ही लाई हूँ ।  ।...
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Saturday, November 5, 2011

मैं न उसमे बही सही

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"मैं  न  उसमे बही सही" मैंने मन की कही सही  जो सोचा वह सही-सही  भूली बिसरी यादें फिर भी  आज कहूँ न रही सही   कितना भी दिल को स...
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Monday, October 24, 2011

भय हरण कालिका

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"भय हरण कालिका" जय जय जग जननि देवी सुर नर मुनि असुर सेवी भुक्ति मुक्ति दायिनी भय हरण कालिका। जय जय जग जननि देवी। मुंडमाल तिलक भ...
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Wednesday, September 21, 2011

क्या आत्म हत्या करना किसी दुःख का हल है?

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अचानक सुबह में मेरी एक सहेली का फ़ोन आया और उसने कहा "पता है मि. मुर्मू की बेटी ने आत्म हत्या कर ली अभी उसके शव को अंतिम संस्कार के लिए...
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Wednesday, September 14, 2011

सदा मीत सँग भोर

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  "सदा मीत सँग भोर" जीवन जीने की कला मिला तुम्ही से मीत  लगता है इस मोड़ पर बढ़ा और भी प्रीत  गहरे होते भाव जितने होते उत...
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Monday, August 29, 2011

हार मिले न हार बिना

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  "हार मिले न हार बिना " सूना जीवन प्यार बिना  नीरस होता यार बिना   कला नहीं जीवन जीने की     पर ...
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Sunday, August 14, 2011

मुझे आज मेरा वतन याद आया

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 "मुझे आज मेरा वतन याद आया" मुझे आज मेरा वतन याद आया। ख्यालों में तो वह सदा से रहा है ,  मजबूरियों ने जकड़ यूँ र...
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Friday, August 12, 2011

किस तरह

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"किस तरह" तुमको चाहा है मगर तुमको बताऊँ किस तरह   आँखों में जुबाँ नहीं तो सुनाऊँ किस तरह    भूलकर दर्द जुदाई का ...
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Saturday, August 6, 2011

हरएक आँख में नमी

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"हरएक आँख में नमी" लगे अमन की कमी इस खूबसूरत जहाँ में बँटी हुई क्यों  जमीं   इस खूबसूरत जहाँ में कर...
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Sunday, July 24, 2011

जो कह न सको तो

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"जो कह न सको तो"  वो भी कैसा प्यार जो कह न सको तो  दिल में उठे बयार जो कह न सको तो यूँ दूरियाँ सही पर दिल के करी...
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Wednesday, July 20, 2011

नहीं है प्रेम की सीमा

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"नहीं है प्रेम की सीमा" छवि बसती जो नैनों में उसे झुठलाया नहीं जाता प्रेम  का  पाश बंधने पर उसे सुलझाया नहीं जाता ...
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