Kusum's Journey (कुसुम की यात्रा)

It's All About Me My Memories Experiences And journey

Monday, November 30, 2009

मेरे दोस्त को जन्मदिन की हार्दिक शुभकामनाएँ और बधाई !

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"जन्मदिन " चाहूँ मैं कहना बहुत कुछ , पर शब्दों की बंदिश न भाए । उपहार मैं चाहूँ कुछ दे...
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Wednesday, November 25, 2009

पूर्ण विराम

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पूर्ण विराम सुना जब कहते हुए कि _ अर्ध विराम उनके जीवन में , इसकी तो कल्पना भी न थी । देखी जब मैं हूँ अकेली , गयी पास कही कानों मे...
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Monday, November 23, 2009

मुझे मेरा बचपन लौटा दो

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" मुझे मेरा बचपन लौटा दो " मुझे मेरा बचपन लौटा दो , कदम्ब तो नहीं झूले पर झुला दो । याद नहीं माँ की थपकी , और न मधुमय तुतलान...
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Tuesday, November 17, 2009

संस्मरण (दूसरी कड़ी )

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मुझे अपने बचपन की बहुत कम बातें ही याद , पर कुछ बातें जिसे माँ बराबर दुहराती रहती थी और हमेशा सबको बताती थी, वह मानस पटल पर इस तरह बैठ गए...
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Sunday, November 15, 2009

भड़ास

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"भड़ास "   राज बाल की हिम्मत को दिया चुनौती कईयों ने पत्रकार तो पत्रकार चिट्ठाकार भी कम नहीं पत्रकारों ने बिक्री बढ़ाई अखबार और पत्र...
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Thursday, November 12, 2009

मेरा १०० वाँ पोस्ट

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(मेरा १०० वाँ पोस्ट मेरे उस साथी को समर्पित जिसने मुझ पर विश्वास किया ।) "जीवन तो है क्षण भंगुर" बिछड़ कर ही समझ आता, क...
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संस्मरण

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एक बार मुझे किसी पत्रिका के लिए कुछ लिखने को कहा गया। मैं बस इतना ही लिख पाई मैं क्या लिखूं मेरी तो लेखनी ही छिन गयी है। पर आज महसूस करत...
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Saturday, November 7, 2009

संजो रही बस स्मृतियों को

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"संजो रही बस स्मृतियों को " समय भी इतना बदल जायेगा कभी सोची न थी । कभी हम भी सोचेंगे अपने लिए सोची न थी । हम तो रहते थ...
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Thursday, November 5, 2009

कब आओगे समझ न आये

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( आज मेरे लिए एक विशेष दिन है। यह कविता उस खास व्यक्ति को समर्पित है जिसने मुझे जीना सिखाया । )   "कब आओगे समझ न आये"    मैं तो...
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Thursday, October 29, 2009

ढूँढूँ तो पाऊँ मैं कैसे

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"ढूँढू तो पाऊँ मैं कैसे " पर ढूँढूँ मैं तुमको वैसे , ढूँढूँ तो पाऊँ मैं कैसे ? आज मैं कहना कुछ चाहूँ पर ,कहूँ किसे यह समझ न...
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Wednesday, October 28, 2009

रहूँ मैं ऊहापोह में

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"रहूँ मैं ऊहापोह में "   सोचूँ मैंने क्या बुरा किया , दिल की कही न छोड़ दिया ।  समय की पुकार को , किया कभी न अनसुना ।   किया कभी ...
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Saturday, October 24, 2009

कैसे कहूँ मुझे क्यों है फिकर इतनी

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" मुझे क्यों है फिकर इतनी " कैसे कहूँ मुझे क्यों है फिकर इतनी , कभी ख़ुद के लिए न शिकन जितनी । सुनी जब से है नासाज तबियत उ...
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Friday, October 23, 2009

ख़ुद को मैं तन्हा पाई

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"ख़ुद को मैं तन्हा पाई " दुनिया की इस भीड़ में , ख़ुद को मैं तन्हा पाई । खुशियों के अम्बार को देखी , चाही गले लगा लूँ उ...
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Wednesday, October 21, 2009

बस रहो तुम सदा मुस्कुराते हुए

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"बस रहो तुम सदा मुस्कुराते हुए "  रहो तुम सदा मुस्कुराते हुए  यही एक तमन्ना, यही आरजू  कुछ कहूँ मैं तुम्हें तो सच मान लो...
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Thursday, October 15, 2009

न वहाँ पर है चैन यहाँ पर न खुशियाँ

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"न वहाँ पर है चैन यहाँ पर न खुशियाँ "   न वहाँ पर है चैन, यहाँ पर न खुशियाँ ।  जाऊँ फिर कहाँ, पाऊँ मैं न पंथियाँ ।  है नन्हा सा...
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Friday, October 9, 2009

जन्म मरण अज्ञात क्षितिज

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"जन्म मरण अज्ञात क्षितिज" जन्म मरण अज्ञात क्षितिज , जिसे समझ सका न कोई । न इसका कोई मानदंड , और न जोड़ है इसका दूजा । कभी ...
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Wednesday, October 7, 2009

दिल की बातें

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"दिल की बातें "   कहना चाहूँ दिल की बातें ,   पर कहूँ कैसे उसे ,  जिसे न है ख़ुद की ख़बर ,  वो करे कैसे परवाह मगर।   चाहूँ तो कह...
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Monday, October 5, 2009

वीरान उपवन

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"वीरान उपवन " आज यह वीरान उपवन , किसकी बाट तक रहा है । शायद कोई माली आए , यह लगी मन में जगी है ।। वह समय था जब कि उपवन...
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Tuesday, September 29, 2009

चाहत

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"चाहत " जिन भावों की मैं, वर्षों से प्यासी वह भाव आज, फ़िर से जगी है जिस चाहत को मैं तो, भूल ही गई थी वह चाहत मन में, जागृ...
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Tuesday, September 22, 2009

वे लम्हें

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"वे लम्हें " वे लम्हें भूले नहीं जाते , वे वादे चाहूँ भी न भूलूँ । पर यह कैसी मजबूरी , चाहकर, पाऊँ भी न तुमको । खुली हुई आ...
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