Kusum's Journey (कुसुम की यात्रा)

It's All About Me My Memories Experiences And journey

Friday, May 27, 2011

नहीं समझे?

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"नहीं समझे" दुखी करना नहीं जानूँ, मगर दुःख तुम नहीं समझे उलझना क्यों है शब्दों में, अभी तक तुम नहीं समझे   मेरी उल...
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Tuesday, May 24, 2011

हमारे देश की जनता कब जागेगी !

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 जमशेदपुर भी अब बाकी शहरों की तरह असुरक्षित हो गया है. आये दिन हत्या, अपहरण की वारदातें सुनने को मिलती है. कभी डॉक्टरों की हत्या तो कभी बैं...
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Thursday, May 19, 2011

उल्फत न कहूँ तो ठीक नहीं

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"उल्फत न कहूँ तो ठीक नहीं" जब भूली ना उन लम्हों को, याद आए कहूँ तो ठीक नहीं कह दूँ कैसे तुम रूठ गए, बेवफा कहूँ तो ठीक नहीं ...
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Monday, May 2, 2011

विद्यापति पर्व समारोह मात्र औपचारिकता !!

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आज अचानक लल्लन जी लिखी हुई एकांकी "विद्यापतिक दुर्दशा" याद आ गई. आज से २० साल पहले लल्लन जी ने मैथिलि में लिखी अपनी रचना के म...
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Tuesday, April 26, 2011

धडकनों को तो अबतक जाना नहीं

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"धडकनों को तो अबतक जाना नहीं" दिल की ख्वाहिश सही, फिकर क्यूँ नहीं   यूँ तसव्वुर कहूँ, यह सिफर तो नहीं मैं दिल का क...
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Friday, April 8, 2011

भारत चीन युद्ध के 49 वर्ष.

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१९६२ का भारत चीन युद्ध को करीब ४९ वर्ष बीत गए, पर इन ४९ वर्षों में  "सेवेन सिस्टर स्टेट्स" कहा जाने वाला अरुणाचल, सिक्किम, असम, न...
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Friday, March 25, 2011

जीवन तो है क्षण भंगुर

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"जीवन तो है क्षण भंगुर" बिछड़ कर ही समझ आता, क्या है मोल साथी का । जब तक साथ रहे उसका, क्यों अनमोल न उसे समझें । ...
Saturday, March 19, 2011

साथ रंग न छूटे

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"साथ रंग न छूटे" रंगों की बहार  प्रेम की फुहार  फागुन की बयार  होली का त्यौहार  छोड़ो मन के द्वेष  लगो एक ही...
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Tuesday, March 15, 2011

मेरा साथी

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"मेरा साथी"   मुझे मिला एक साथी जिस पर थी न्योछावर रात दिन मैं उसकी सपनों मे रहती थी डूबी एक तो वो विद्वा...
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Wednesday, February 23, 2011

अपना सा आभास तो लगता

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"अपना सा आभास तो लगता" समझूं कैसे क्या है रिश्ता, बिन देखे क्यूँ स्नेह पनपता। है क्या उलझन समझ न पाऊँ, होंठ हिले, न शब्द निकलता।...
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Friday, January 28, 2011

क्या कहूँ,कब कहूँ ?

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क्या कहूँ, कब कहूँ,चुप रहूँ या कहूँ ? अपने दिल की सही दास्ताँ मैं कहूँ ? मुद्दतों से कभी, दिल की माना नहीं, अब मैं आहें भरूँ या तक...
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Monday, January 17, 2011

हुआ है सवेरा

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"हुआ है सवेरा"  बह चली ऐसी आँधी, छाया नभ में अँधेरा, चहु दिशा कुछ न सूझे, उड़ गया है बसेरा ।   दिन हो गया है काला, रात...
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Friday, December 31, 2010

लेखन एक अनवरत यात्रा है

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किसी ने सच ही कहा है :"लेखन एक अनवरत यात्रा है  - जिसका न कोई अंत है न मंजिल ", और यह सच भी है ।  निरंतर अपने भावों को कलम बद्ध कर...
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Wednesday, December 29, 2010

जिद्द भी करूँ क्यूँ न वादा करो

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"जिद्द भी करूँ क्यूँ न वादा करो"  गुम सुम रहो और न बातें करो, कहूँ मैं क्या जो यकीं मुझपर करो ।   पल पल की यादें हूँ म...
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Wednesday, December 15, 2010

भगवान निरीह बनाकर क्यों भेजते

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बाल विहार मूक वधिर स्कूल, जमशेदपुर हमारी बातों को समझने की कोशिश करते हुए बाल विहार के मासूम बच्चे बाल विहार के बच्चों को लिखकर अपनी बा...
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Saturday, November 27, 2010

हाले दिल बयां करूँ अब मैं कैसे

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" बयाँ हाले दिल का करूँ अब मैं कैसे" बयाँ हाले दिल का करूँ अब मैं कैसे  खलिश को छुपाकर रहूँ अब मैं कैसे  बुझी कब ख्वाह...
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Thursday, November 4, 2010

गिले शिकवे सपनों में आके रुला दे

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"गिले शिकवे सपनों में आके रुला दे " सफ़र खूबसूरत जो वादे भुला दे , गिले शिकवे सपनों में आके रुला दे . चमन भी है सू...
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Wednesday, October 27, 2010

My Visit To The United Nations Head Quarter

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My Visit To The United Nations Head Quarter At The Gate At The Gate The Gallery The Caption On The Wall Flags Of 192 ...
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Thursday, October 7, 2010

आराधना

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"आराधना" माँ कैसे करूँ आराधना , कैसे मैं ध्यान लगाऊँ । द्वार तिहारे आकर मैया , कैसे मैं शीश झुकाऊँ । ...
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Sunday, September 26, 2010

सारे वादों को मैं भूल जाऊँ सही

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"सारे वादों को मैं भूल जाऊँ सही " सारे वादों को मैं भूल जाऊँ सही  और कसमों को दिल से मिटाऊँ सही  एक तुम ही सदा ...
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