Kusum's Journey (कुसुम की यात्रा)

It's All About Me My Memories Experiences And journey

Friday, August 28, 2009

मुझे आज मेरा वतन याद आया

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मुझे आज मेरा वतन याद आया मुझे आज मेरा वतन याद आया। ख्यालों में तो वह सदा से रहा है ,  मजबूरियों ने जकड़ यूँ रखा कि, मुड़कर भी देखूँ तो ...
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Thursday, August 27, 2009

बरसों मैं तो भूल गयी थी

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"बरसों मैं तो भूल गई थी" बरसों मैं तो भूल गई थी सारे अरमानों ख्वाबों को भूल गयी थी मैं हँसना या हँसी में शामिल होना। ...
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Wednesday, August 19, 2009

जो बीत गई उसे क्यों भूलूँ

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जो बीत गई उसे क्यों भूलूँ जो बीत गई उसे क्यों भूलूँ ? वही तो मेरी धरोहर है जिस पर नाज़ करूँ इतना  साक्षात्कार कराया मुझको जीवन की स...
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Monday, August 17, 2009

बेटियाँ

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"बेटियाँ " जीवन में थी एक तमन्ना , वह हुई आज पूरी । जब भी देखती बेटियाँ , सोचती हरदम । जीवन की यह कमी ...
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आपना तो बस आपना है

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"अपना तो बस अपना है" चाहे तुम कितना झुठलालो, अपना तो बस अपना है। कुछ भी कर लो ख़ुशी मना लो , पर अपनों की याद न छू...
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Sunday, August 16, 2009

स्वतंत्रता दिवस के दिन छाया रहा शाहरुख खान

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हमारे यहाँ विशिष्ट व्यक्तियों की लम्बी फेहरिस्त है और उन्हें जो सुविधायें दी जाती हैं उसका वह इतना आदी हो जाता है कि जब वह बाहर जाता है...
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Tuesday, August 11, 2009

वह हंसती है

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"वह हँसती है" वह हँसती है.. पर क्या किसी ने उसकी हँसी के पीछे की सिसकियों को देखा है ? ऊपर से खिलखिला कर हँसने वाली आत्म...
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Sunday, August 9, 2009

गुम सुम सी बैठी रहती हूँ

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"गुम सुम सी बैठी रहती हूँ "    गुम सुम सी बैठी रहती हूँ।  ख़्वाबों को ख्यालों को ,  नयनों मे बसाती रहती हूँ ।  थक जाते हैं मेरे ये...
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Friday, August 7, 2009

ख़ुद को ही न समझ पाई

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ख़ुद को ही न समझ पाई लोग दूसरों को नहीं समझते। मैं ख़ुद को ही न समझ पाई।। जब भी अकेली होती हूँ। ख्यालों में डूब जाती हूँ।। तलाशत...
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Wednesday, August 5, 2009

संस्मरण(चतुर्थ कड़ी )

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टाटा स्टील के पदाधिकारी एवं कर्मचारियों मे सुरक्षा के प्रति जागरूकता लाने के लिए टाटा स्टील प्रतिवर्ष एक अन्तर विभागीय नाट्य प्रतियोगिता का ...
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Wednesday, July 29, 2009

संस्मरण (तीसरी कड़ी )

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मालुम नहीं मैं इसे क्या कहूँ लगाव या बंधन। शादी के एक वर्ष बाद जब मैं जमशेदपुर आयी थी उस समय सोची भी नहीं थी कि जमशेदपुर से इतनी सारी य...
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Wednesday, July 22, 2009

कवि कोकिल विद्यापति (तृतीय)

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कवि कोकिल विद्यापति कहा जाता है कि महा कवि विद्यापति की भक्ति एवं पद की माधुर्य से प्रसन्न हो" त्रिभुवन धारी शंकर" उनके यह...
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Friday, July 17, 2009

कवि कोकिल विद्यापति(द्वितीय)

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कवि कोकिल विद्यापति कवि विद्यापति ने सिर्फ़ प्रार्थना या नचारी की ही रचना नहीं की है अपितु उनका प्रकृति वर्णन भी उत्कृष्ठ है। बसंत ...
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Thursday, July 16, 2009

संस्मरण(दूसरी कड़ी)

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मैं जिस दिन पन्द्रह साल की हुई उसके ठीक दूसरे दिन मेरी शादी हो गयी। शादी का मतलब क्या होता है यह भी तो मैं नहीं जानती थी। मुझे तो यह यह भी प...
Sunday, July 12, 2009

मोमबत्ती का रस्म

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जन्मदिन   एक बार मैं अपने पति से बोली  इस बार मैं अपना जन्मदिन  खूब धूम धाम से मनाऊंगी।  पति बोले अरे भाग्यवान  जन्मदिन तो मना लोगी  उस रस्...
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Saturday, July 11, 2009

एक लब्ध प्रतिष्ठित डॉक्टर को श्रद्धाँजलि

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स्व. डॉ. मोहन राय डॉ. मोहन राय एवं उनकी पत्नी डॉ. विमल यादव मयुर एवं अनुराधा के साथ किसी ने सोचा भी नहीं होगा कि हजारों को जीवन दान देने व...
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Thursday, July 9, 2009

कवि कोकिल विद्यापति

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कवि कोकिल विद्यापति "कवि कोकिल विद्यापति" का पूरा नाम "विद्यापति ठाकुर था। धन्य है उनकी माता "हाँसिनी देवी"जि...
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Saturday, July 4, 2009

तब और अब

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पहले भी जाती थी शादी ब्याह शुभ कार्यों में आज भी जाती हूँ अन्तर सिर्फ़ इतना है पहले मैं सबसे आगे रहती थी आज सबसे पीछे पहले लोग मुझे स...
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Tuesday, June 23, 2009

संस्मरण

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एक बार एक पत्रिका के लिए मुझे कुछ लिखने को कहा गया। मैं बस इतना ही लिख पाई मैं क्या लिखूं मेरी तो लेखनी ही छिन गयी है। पर आज महसूस करती हू...
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मित्रता

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मित्रता किसी ने कहा वह मेरा दोस्त है मेरे बचपन का साथी हम साथ पढ़े और बढे हैं क्या इस उम्र मे अब ऐसा साथी बन सकता है मैं बोली यह ...
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