Kusum's Journey (कुसुम की यात्रा)

It's All About Me My Memories Experiences And journey

Sunday, October 13, 2013

मन में झंझावात

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मन में झंझावात" दिल के तहखाने में बीता तनहा सारी रात  कहती क्यों सावन हरजाई लाई है सौगात स्नेह का सागर भरा हुआ है, क्यूँ...
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Saturday, October 5, 2013

माँ मैं तो हारी, आई शरण तुम्हारी,

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माँ मैं तो हारी, आई शरण तुम्हारी, अब जाऊँ किधर तज शरण तुम्हारी ।   दर भी तुम्हारा लगे मुझको प्यारा,  तजूँ मैं कैसे अब शरण तुम...
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Thursday, September 5, 2013

गुरु गोबिंद दोउ खड़े काके लागूँ पाय.

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लोग कहते हैं कि आजकल के बच्चे बड़ों की इज्जत करना नहीं जानते खासकर शिक्षकों का गुरुजनों का। पर यह कहना गलत है। मैं भी कभी शिक्षक थी औ...
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Tuesday, July 23, 2013

रजत जयंती स्वर्ण बनाओ

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( यह कविता मैं ने अपनी छोटी बहन के २५ वीं शादी की सालगिरह पर लिखी है.) "रजत जयंती स्वर्ण बनाओ" एक दूजे ...
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Saturday, July 13, 2013

चाहत तुम्हारी फिर से

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(कुछ दिन कुछ पल ऐसे होते हैं जो चाहकर भी भूला नहीं जा सकता, उसी दिन की याद में मेरी यह रचना जिसे लोगों ने भुला दिया।) "चाहत तु...
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Sunday, June 30, 2013

यूँ मुहब्बत कहूँ हो इबादत मगर

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" यूँ मुहब्बत कहूँ हो इबादत मगर " है कठिन  फिर भी  सच को कहोगे अगर  जिंदगी का सफ़र ना सिफर हो डगर     दिल क...
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Thursday, June 27, 2013

उन सैनिकों को शत-शत नमन.

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कई दिनों से उतराखंड की आपदा से लोग जूझ रहे हैं टीवी में देख मन द्रवित हो जाता है। और तब अचानक समाचार में आया राहत बचाव कार्य में लगे हेल...
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Monday, June 24, 2013

गाते रहो मुस्कुराते रहो

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" गाते रहो मुस्कुराते रहो" तुम गाते रहो मुस्कुराते रहो  जिन्दगी के सफ़र में लुभाते रहो  कट जाए सफ़र तो हर हाल में  सुख-द...
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Wednesday, March 27, 2013

मन का भेद पपीहा खोले

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"मन का भेद पपीहा खोले" जिस माली ने सींचा अबतक सुबक सुबक वह रोता है पाल पोसकर बड़ा किया हो उसको एक दिन खोता है   धूप...
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Friday, March 15, 2013

आई शरण तुम्हारी

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" आई शरण तुम्हारी " हरि मैं तो हारी, आई शरण तुम्हारी, अब जाऊँ किधर तज शरण तुम्हारी ।   दर भी तुम्हारा लगे मुझको ...
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Friday, March 8, 2013

सही मायने में "महिला दिवस".कब मनेगा ?

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करीब ढाई महीने से अमेरिका में हू, इन ढाई महीने में काफी कम लिख पाई हूँ। सच कहूँ तो पोते को छोड़कर कुछ करने का मन ही नहीं होता। उसके साथ ए...
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Monday, February 11, 2013

बर्फानी तूफ़ान नीमो के बाद जन जीवन.

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 बर्फ से ढके पेड़ पौधे   प्राकृतिक आपदा पर तो किसी का वश नहीं होता। परन्तु जब बच्चे या प्रिय जन साथ में न होकर हजारों मील दूर या द...
Saturday, January 26, 2013

मुझे आज मेरा वतन याद आया !!

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( मेरी एक पुरानी  कविता, जिसे मैं कुछ बरसों पहले अपने अमेरिका प्रवास के दौरान एक अप्रवासी भारतीय को ध्यान में रखकर लिखी थी। आज मैं अमेरिका...
Monday, January 14, 2013

सह सको मुमकिन नहीं.

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"सह सको मुमकिन नहीं"  है नशा ऐसी कहो क्या सह सको मुमकिन नहीं सो रहे क्यों अब तो जागो सह सको मुमकिन नहीं हाथ अब कुर्सी जो ...
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Saturday, August 18, 2012

आजादी हमें खैरात में नहीं मिली है!!

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 "आजादी हमें खैरात में नहीं मिली है उसके लिए हमारे देश के अनेको देश भक्तों ने जान की बाजी लगाकर देश पर मर मिटने की कसम खाई और शहीद ह...
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Friday, August 10, 2012

भाव कुसुम यह कैसे छुपाए.

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(आज जब मेरे पोते का जन्म हुआ है तब मैं समझ पाई हूँ कि लोग क्यों कहते हैं "मूल से सूद लोगों को ज्यादा प्यारा होता है". उद्गा...
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Friday, August 3, 2012

मेरा जीवन मेरी यात्रा.(दूसरी कड़ी)

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मुझे अपने बचपन की बहुत कम बातें ही याद हैं, पर कुछ बातें जिसे माँ बराबर दुहराती रहती थी और हमेशा सबको बताती थी, वह मानस पटल पर इस तरह बैठ ...
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Saturday, July 28, 2012

कहती है नैना हसूँ अब मैं कैसे.

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"कहती है नैना, हसूँ अब मैं कैसे" बयाँ हाले दिल का करूँ अब मैं कैसे खलिश को छुपाकर रहूँ अब मैं कैसे  बुझी कब ख्वाहि...
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Friday, July 20, 2012

मेरा जीवन मेरी यात्रा.(पहली कड़ी)

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किसी ने सच ही कहा है :"लेखन एक अनवरत यात्रा है  - जिसका न कोई अंत है न मंजिल ", और यह सच भी है। निरंतर अपने भावों को कलम बद्ध क...
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Friday, July 13, 2012

और एक प्यास है मन

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मेरी आज की रचना उस ख़ास व्यक्ति के लिए जिसने मुझे इस काबिल बनाया कि मैं मन में आये भावों को आज शब्दों में अभिव्यक्त कर सकूँ . ...
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